Tuesday, January 13, 2009

जिंदगी

इस जिंदगी में कभी कभी ऐसे दिन भी आते हैं जब इन्सान भीड़ में भी अकेला ही रह जाता है आगे बढ़ते क़दमों को दुनिया रोकने के लिए हर वो कदम उठाती है जिस के बारे में आप सोंचते भी नही हैं वो लोग जिन को आप अपना समझ कर उन के साथ चलना चाहते हैं वो लोग आप को साथ चलने में परेशान होने लगते हैं आप को लगता है की सब सही है पर कुछ भी सही नही हैं वो जमाना चला गया जब आप अच्छे थे तो सब अच्छे थे अब अगर आप चुपचाप सब सहते रहते हैं तो आप को बाकी सब बेवकूफ समझते हैं आप के ऊपर हँसते रहते हैं । ऐसा क्या किया जाए की आप सब को खुश रख पायें .... नही इस दुनिया में ऐसा कोई भी काम नही जिसे करने से सब खुश रहे .....अरे भगवान से भी सब खुश नही तो आप से कैसे खुश रहेंगे ....वक्त बीतता जा रहा है और हम वक्त के साथ ख़ुद को बदल नही पा रहे ...कम से कम मैं तो ख़ुद को बदल नही पाया इसी लिए परेशान हूँ ...

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