Friday, January 16, 2009

कर्म

अपने साथ कुछ भी हो कभी भी परवाह ना करते हुए बस किसी न किसी के लिए कुछ न कुछ करता ही रहा पर ये लोग कभी भी खुश नही हुए हमेशा एक न एक गलती निकाल कर जो किया उसे भुला कर नाराज ही रहते रहे दिन बीतते रहे और मैं हमेशा सबको आगे जाने में मदद रहा सबके हाथ पकड़ कर आगे ले जाता रहा पर ये सब मुझे थोड़ा थोड़ा पीछे खींचते रहे चलो आज ये सब जहाँ हैं खुश हैं पर मैं जानता हूँ की आगे एक बहुत बड़ी दुनिया है जो मैं देख रहा हूँ पर मैं कहीं आगे न चला जाऊँ ये सोंच कर ख़ुद भी नुकसान उठाते रहते हैं पर किसी को खुशियाँ दे कर कभी भी किसी को दुःख नही होता एक बार आगे या पीछे नही साथ चल कर देखो कितनी खुशियाँ आप का इन्तेजार कर रहीं हैं ये इस दुनिया की सबसे बड़ी सच्चाई है की रोने वालों का साथ कोई नही रोता पर हसने वालों के साथ सब हँसते हैं इसी लिए अगर कोई परेशानी भी आए तो मुस्कुराओ पर जोर जोर हँसना मत वरना सब पागल कहेंगे । बाकि अगली बार नमस्ते । और अगर कोई मेरा दोस्त है तो बताइए जरूर हम इन्तेजार कर रहे हैं आपका ।

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