Wednesday, February 18, 2009

इंतजार

रुक गई है जिंदगी कोई अरमान नही आते,
खो गई है मंजिलें आख़िर हम कहाँ जाते ।
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इंतजार में चन्द पलों के जिंदगी जाती रही ,
काश वो मुहब्बत भरे कुछ पल हमें मिल पाते ।
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कल हाँ कल यही सोंचते जिंदगी सिर्फ़ इंतजार बन गई ,
वो आएगी जरूर यही सोंचकर देखते रहे सबको आते जाते ।
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इंतजार में कल के आज के ये पल कट नही पाते ,
काश आज के इस सफर में तुम मेरे हमसफ़र बन जाते ।
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